मै और दो लाख पचपन हज़ार पांच सौ जहर की पुड़िया भाग# १ हम चाहकर भी जहर नहीं खा सकते। चाहे उस जहर की खाने से कितना भी पैसा मिल रहा हो या किसी को कितना भी फायदा हो रहा हो। पॉलीथीन का सबसे ज्यादा कचरा घरो से निकलता है। जब लोग मार्केट जाते है, किराने का सामान लेने, सब्जी, फल, दवाई या दूध लाने तो लोग हर चीज के लिए एक पॉलीथीन दूकानदार से मांगते है। और इसका नतीजा या होता है की रोज़ ही हर घर में कम से कम 10 पॉलीथीन तो आ ही जाती है। इस तरह से हर घर से हर महीने कम से कम ३०० पॉलीथीन सड़क पे, नाले में, गार्डन में या कचरा घर में पहुंच ही जाती है। जो सीधे लोगो की सेहत नुक्सान पहुँचाती है। और इसका प्रॉपर तरीके से डिस्पोज़ करने के लिए जो पैसा खर्च करना पड़ता है वो अलग। वैसे तो शुरू से ही मुझे पॉलीथीन का उपयोग मुझे पसंद नहीं है। मैने हमेशा से ही इसको इस्तमाल करने में परहेज किया है। पर पिछले 7 सालो में मैने पॉलीथीन का उपयोग बंद ही कर दिया है। मैंने पिछले 7 सालो से किसी भी प्रकार भी प्रकार की पॉलीथीन को अपने घर में लाना बंद कर दिया। मैं हमेशा अपने पास एक बैग रखता हू...