यात्रा सार- 2015 - 2016
यात्रा सार- 2015 - 2016 इस संसार में हज़ारो प्रकार के जाती प्रजाति और समुदाय के लोग रहते है। इसने हर एक समुदाय के अपने नियम है। नियमो का बनाने का उद्देश्य उस पर्टिकुलर समुदाय के लोगो को खुश रखना है। सभी लोगो को बाहरी खतरे से सुरक्षा प्रदान करना है। और उनको जीवन यापन करने के लिय बुनियादी रिसोर्सेज को प्रदान करना है ताकि लोग को सम्मान पूर्वक अपने जीवन को जीने का अधिकार मिल सके। किसी भी समुदाय के लिए प्रथम और बुनियादी नियम यही हो सकते है। पर ये संसार इतना बड़ा है की कुछ मील बाद लोगो बोली, भाषा, रूप, रंग, धर्म, और परम्पराय बदल जाती है। इस दुनिया में करीब २०० देश है, और उससे कई जयादा भाषा, संस्कृति है। हर समुदाय देश किसी न किसी पिलाशिफी में चलता है। भारत एक विशाल देश है। यहाँ भी हर थोड़े मील में संस्कृती , भाषा , बोली, और धर्म बदल है। आज हम गणतांत्रिक देश है। हमारी साकार प्रजातान्त्रिक है। और हमारी सरकार का ढाचा संघीय है। इतने बड़े देश को चलना वो भी हज़ारो विभित्ताओ के साथ, आसान नहीं है इसमें सभी को खुश रखना, सुरक...
Comments
Post a Comment